तृणमूल कांग्रेस (TMC) और चुनाव आयोग (ECI) के बीच बुधवार को हुई बैठक के बाद सियासी माहौल गर्मा गया। TMC के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। अभिषेक बनर्जी अपनी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली में चुनाव आयोग की टीम से मिलने पहुंचे थे। बैठक के दौरान कथित तौर पर तीखी बहस हुई, जिसके बाद अभिषेक ने कहा—“आप मनोनीत हैं, हम निर्वाचित हैं।” “हमने आठ से दस मुद्दों पर बात की. मीटिंग दोपहर 12:00 बजे शुरू हुई और ढाई घंटे तक चली. पिछली बार एक महीने पहले 28 नवंबर को हमारी पार्टी के 10 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल यहां आया था. हमने चुनाव आयोग से पांच सवाल पूछे थे, लेकिन हमें उनमें से किसी भी सवाल का एक भी सटीक जवाब नहीं मिला. उसी रात चुनाव आयोग ने चुनिंदा पत्रकारों को जानकारी लीक की और दावा किया कि उन्होंने हर सवाल का जवाब दिया है. उन्होंने आगे कहा, “इसके तुरंत बाद मैंने ट्वीट किया कि तृणमूल कांग्रेस के पास डिजिटल सबूत हैं और पिछली बार चुनाव आयोग ने हमारे किसी भी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया था… इस बार, दो या तीन बातों को छोड़कर, हमें किसी भी चीज पर कोई साफ जानकारी नहीं मिली. जब मैं उनसे SIR के बारे में पूछता हूं, तो वे बात को नागरिकता पर ले जाते हैं. किसी भी चीज का कोई ठोस जवाब नहीं मिला…” अभिषेक बनर्जी का आरोप है कि बैठक के दौरान CEC ज्ञानेश कुमार ने उनकी ओर उंगली उठाकर बात की, जिस पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—“उंगली नीचे करके बात कीजिए।” इस घटना के बाद TMC ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। “उन्हें क्या चीज रोक रही है? क्या उन्हें लगता है कि बंगाल के लोग उनकी जी-हुजूरी के लिए हैं? क्या उन्हें लगता है कि बंगाल के लोग और हम सांसद और मंत्री, विधायक या सांसद, जिन्हें लोगों ने लंबी कतारों में खड़े होकर वोट देकर चुना है, क्या वे बंधुआ मजदूर हैं? क्या वे गुलाम हैं? दो-तीन बेसिक सवालों को छोड़कर, वे हमारे उठाए गए किसी भी सही सवाल का जवाब नहीं दे पाए हैं. आप लॉजिकल गड़बड़ी को क्यों नहीं बता पा रहे हैं? BLA-2 (बूथ लेवल एजेंट) को सुनवाई वाली जगहों पर आने से रोकने वाला नोटिफिकेशन जारी करने से आपको कौन रोक रहा है?” वोटर लिस्ट और SIR पर टकराव चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और कथित वोट चोरी को लेकर विपक्ष पहले से ही आयोग पर हमलावर है। इसी क्रम में 31 दिसंबर को TMC का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल CEC से मिलने पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में TMC के 10 सांसदों के साथ पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी शामिल थे। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने आयोग के सामने 8 से 10 अहम मुद्दे उठाए। बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई और करीब ढाई घंटे तक चली। उन्होंने बताया कि इससे पहले 28 नवंबर को भी TMC का प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिला था और तब पांच सवाल पूछे गए थे, लेकिन एक भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अभिषेक का आरोप है कि पिछली बैठक के बाद चुनाव आयोग ने चुनिंदा पत्रकारों को जानकारी लीक कर यह दावा किया कि सभी सवालों के जवाब दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “हमारे पास डिजिटल सबूत हैं कि हमारे सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।” “बंगाल के लोग गुलाम नहीं हैं” अभिषेक बनर्जी ने CEC पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,“उन्हें कौन रोक रहा है सच बताने से? क्या उन्हें लगता है कि बंगाल के लोग उनकी जी-हुजूरी के लिए हैं? क्या सांसद, विधायक और मंत्री—जिन्हें जनता ने लंबी कतारों में खड़े होकर चुना है—बंधुआ मजदूर हैं? क्या वे गुलाम हैं?” उन्होंने कहा कि दो-तीन बुनियादी सवालों को छोड़कर आयोग किसी भी मुद्दे पर तार्किक जवाब नहीं दे पाया। खासतौर पर बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) को सुनवाई के स्थानों पर आने से रोकने वाले नोटिफिकेशन को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा आदेश जारी करने से आयोग को कौन रोक रहा है। CCTV फुटेज जारी करने की चुनौती अभिषेक बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार को खुली चुनौती देते हुए TMC और चुनाव आयोग की बैठक का CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की। इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकारों की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक ने कहा,““अगर मैं झूठ कह रहा हूं, तो मीडिया के सामने CCTV फुटेज रिलीज करिए. भाई, हमारे पास तो कैमरा नहीं था. इलेक्शन कमीशन के यहां हर जगह CCTV है. चेक करके अंदर गए. तो अगर आप सच कह रहे हैं, तो आप पूरे ढाई घंटे की मीटिंग का CCTV फुटेज रिलीज कर दें. लोग देखें कि क्या बात हुई? किसने झूठ बोला, किसने सच बोला?” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को खुद यह तक नहीं पता कि SIR सर्वे के लिए कौन-सी एजेंसी नियुक्त की गई है। TMC ने आयोग को संबंधित दस्तावेज भी सौंपे, लेकिन फिर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को 4 घंटे तक क्यों बिठाया जाता है? हमने रिक्वेस्ट की है कि 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, विकलांग और बीमारियों से ग्रस्त लोगों को फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए बुलाकर परेशान ना किया जाए. 1.36 करोड़ मामलों की ‘लॉजिकल गड़बड़ी’ अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि पता और अन्य कारणों से करीब 1.36 करोड़ वोटरों के मामलों में ‘लॉजिकल गड़बड़ी’ पाई गई है, लेकिन इसकी कोई सूची सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने ECI ऐप में भी गड़बड़ी होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ऐप के एक सेक्शन में वोटरों को ‘फाउंड इनएलिजिबिल’ यानी अयोग्य पाया गया दिखाया जा रहा है, जबकि कई मामलों में जरूरी दस्तावेज देने के बावजूद लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। अभिषेक के मुताबिक, चुनाव आयोग ने माना है कि ऐप में तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है। “BJP ने पिछले चार महीनों में 40 लाख वोटर जोड़े हैं. महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में भी ऐसा ही किया गया. वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की वजह से बंपर वोटिंग हो रही है. इतना मजबूत विपक्ष होने के बावजूद वोट चोरी के जरिए BJP जीत रही है… वोट चोर कौन है? ये सभी जानते हैं. गूगल भी जानता है. सर्च कीजिए वो बता देगा. अगर आयोग सच्चाई पर है तो छिपाता क्यों है?” बुजुर्गों और बीमार लोगों को परेशानी TMC नेता ने SIR के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सुनवाई के लिए बुलाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कई बुजुर्गों को चार-चार घंटे तक बैठाकर रखा जाता है। पार्टी ने आयोग से मांग की है कि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों, विकलांगों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित नागरिकों को फिजिकल वेरिफिकेशन के नाम पर परेशान न किया जाए। अवैध प्रवासियों की सूची पर सवाल अभिषेक बनर्जी ने CEC से SIR के दौरान पाए गए बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आयोग को 58 लाख लोगों की सूची में स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि कौन अवैध प्रवासी हैं। उन्होंने कहा, “अगर कोई अवैध प्रवासी है तो हम उसे बाहर निकालने के पक्ष में हैं।” साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल को जानबूझकर अवैध प्रवासियों के नाम पर बदनाम किया जा रहा है। BJP पर वोट चोरी का आरोप कांग्रेस की तर्ज पर अभिषेक बनर्जी ने भी BJP पर वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार महीनों में BJP ने 40 लाख वोटर जोड़ दिए हैं। महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में भी इसी तरह की गड़बड़ियां हुई हैं। अभिषेक ने कहा,“इतना मजबूत विपक्ष होने के बावजूद BJP वोट चोरी के जरिए चुनाव जीत रही है। वोट चोर कौन है, यह सब जानते हैं। अगर चुनाव आयोग सच के साथ है, तो सब कुछ छिपा क्यों रहा है?” Post navigation छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, सुकमा और बीजापुर में 14 नक्सली ढेर