टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या एक बार फिर अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से सुर्खियों में रहे, लेकिन इतिहास रचने का मौका बेहद करीब आकर उनसे छूट गया। 3 जनवरी को विजय हजारे ट्रॉफी के मुकाबले में विदर्भ के खिलाफ खेलते हुए हार्दिक एक ओवर में छह छक्के लगाने से चूक गए। हालांकि, इसके बावजूद उनकी पारी शानदार रही और उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी पहली लिस्ट-ए सेंचुरी जड़ दी।

हार्दिक ने बड़ौदा के लिए 68 गेंदों में शतक पूरा किया। खास बात यह रही कि 66 रन से 100 तक पहुंचने के लिए उन्होंने सिर्फ 6 गेंदों का सहारा लिया। यह कारनामा उन्होंने विदर्भ के बाएं हाथ के स्पिनर पार्थ रेखड़े के खिलाफ 39वें ओवर में किया। उस ओवर में हार्दिक ने लगातार पांच छक्के और एक चौका जड़ते हुए कुल 34 रन बटोरे।

अपनी पारी में हार्दिक पंड्या ने कुल 92 गेंदों का सामना किया और 133 रन बनाकर आउट हुए। इस दौरान उनके बल्ले से 8 चौके और 11 लंबे छक्के निकले। उनकी इस पावर-हिटिंग ने एक बार फिर फैंस को रोमांचित कर दिया और दिखा दिया कि वे मुश्किल हालात में भी मैच का रुख पलटने की काबिलियत रखते हैं।

बड़ौदा की शुरुआत इस मुकाबले में बेहद खराब रही थी। टीम ने सिर्फ 71 रन के स्कोर पर अपने 5 विकेट गंवा दिए थे और मैच पूरी तरह से विदर्भ के नियंत्रण में जाता हुआ नजर आ रहा था। ऐसे नाजुक समय में हार्दिक पंड्या ने जिम्मेदारी संभाली और पारी को स्थिरता देने की कोशिश की।

उन्होंने पहले अपने भाई कृणाल पंड्या के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों के बीच 68 गेंदों में 65 रनों की अहम साझेदारी हुई। हालांकि, कृणाल ज्यादा आक्रामक नहीं दिखे और उन्होंने 50 गेंदों में 23 रन बनाए। इसके बाद हार्दिक को विष्णु सोलंकी का साथ मिला। सोलंकी ने 17 गेंदों में 26 रन जोड़े और एक छोर संभाले रखा, जबकि हार्दिक दूसरे छोर से निडर होकर बड़े शॉट खेलते रहे।

हार्दिक ने सिर्फ 44 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने गियर बदल दिया। शतक तक पहुंचने के लिए उन्होंने जिस अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की, वह देखने लायक थी। उनकी इस पारी में हर तरह के स्ट्रोक शामिल थे—स्पिन के खिलाफ लंबे छक्के हों या तेज़ गेंदबाज़ों पर करारे पुल और ड्राइव।

46वें ओवर में यश ठाकुर ने हार्दिक पंड्या को आउट कर दिया। तब तक वे बड़ौदा को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा चुके थे। उनकी पारी की बदौलत टीम 250 रन के पार पहुंची, लेकिन अंत में बड़ौदा 50 ओवर में 9 विकेट पर 293 रन ही बना सकी।

विदर्भ की ओर से यश ठाकुर सबसे सफल गेंदबाज़ रहे। उन्होंने अपने 10 ओवर के स्पैल में 64 रन देकर 4 विकेट झटके। लक्ष्य का पीछा करने उतरी विदर्भ की टीम ने बेहद आक्रामक अंदाज़ अपनाया और 41.4 ओवर में ही 9 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

विदर्भ की जीत के नायक रहे अमन मोखाड़े, जिन्होंने 121 गेंदों में शानदार 150 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी ने मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया और हार्दिक पंड्या की मेहनत पर पानी फिर गया।

अक्षर पटेल का भी शतक

इस दिन घरेलू क्रिकेट में एक और भारतीय ऑलराउंडर ने कमाल दिखाया। गुजरात के लिए खेलते हुए अक्षर पटेल ने भी संकट के समय शतकीय पारी खेली। गुजरात की टीम जब बल्लेबाज़ी करने उतरी, तब सिर्फ 29 रन पर उसके 3 विकेट गिर चुके थे।

अक्षर पटेल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 111 गेंदों में 130 रन बनाए। उनकी इस पारी में 10 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उन्होंने पहले जयमीत पटेल के साथ 58 गेंदों में 51 रनों की साझेदारी की। जयमीत ने 47 गेंदों में 29 रन जोड़े।

इसके बाद अक्षर को विशाल जायसवाल का अच्छा साथ मिला। दोनों ने सातवें विकेट के लिए 117 गेंदों में 142 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। विशाल जायसवाल ने 60 गेंदों में 70 रन की अहम पारी खेली।

अक्षर की शानदार बल्लेबाज़ी की बदौलत गुजरात ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 318 रन बनाए। आंध्र प्रदेश की ओर से सत्यनारायण राजू ने 10 ओवर में 53 रन देकर 4 विकेट झटके।

लक्ष्य का पीछा करते हुए आंध्र प्रदेश की टीम 50 ओवर में 7 विकेट पर 311 रन ही बना सकी और गुजरात ने 7 रन से रोमांचक जीत दर्ज की। बल्लेबाज़ी के बाद अक्षर पटेल ने गेंदबाज़ी में भी दो विकेट लेकर अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से मैच पर गहरी छाप छोड़ी।

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