पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मार्च 2026 से 500 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने जा रहा है। इस वायरल मैसेज ने आम लोगों के बीच भ्रम और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। कई लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं 2016 जैसी स्थिति दोबारा तो नहीं आने वाली। इस दावे में कहा गया था कि आने वाले समय में 500 रुपये के नोट अवैध हो जाएंगे और लोगों को इन्हें बदलवाने या जमा करने के लिए कहा जाएगा। हालांकि, इस दावे के समर्थन में न तो RBI की ओर से कोई अधिसूचना सामने आई और न ही सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान। PIB फैक्ट चेक ने बताया सच जैसे ही यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने तुरंत इस वायरल मैसेज की जांच की। PIB फैक्ट चेक ने अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा यह दावा पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है। PIB ने स्पष्ट किया कि न तो केंद्र सरकार और न ही भारतीय रिजर्व बैंक ने 500 रुपये के नोट को बंद करने से जुड़ा कोई फैसला लिया है। यह केवल अफवाह है, जिसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। PIB ने अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट कर लिखा कि 500 रुपये के नोट पूरी तरह वैध हैं और उनका चलन पहले की तरह जारी रहेगा। RBI to stop ₹500 notes from ATMs by March 2026❓🤔Some social media posts claim that the Reserve Bank of India will discontinue the circulation of ₹500 notes by March 2026.#PIBFactCheck:❌This claim is #fake!✅ @RBI has made NO such announcement.✅ ₹500 notes have… pic.twitter.com/F0Y3t0wHSf— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) January 2, 2026 500 रुपये के नोट पूरी तरह वैध सरकार ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया है कि 500 रुपये के नोट कानूनी रूप से पूरी तरह वैध मुद्रा हैं। लोग बिना किसी डर या संदेह के इन नोटों का उपयोग लेनदेन, खरीदारी और बैंकिंग कार्यों के लिए कर सकते हैं। PIB ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी मैसेज को आगे फॉरवर्ड न करें। सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें कई बार अनावश्यक घबराहट और आर्थिक नुकसान का कारण बन जाती हैं। सरकार ने यह भी कहा है कि किसी भी तरह के नोटबंदी या करेंसी से जुड़े बड़े फैसलों की जानकारी हमेशा RBI या वित्त मंत्रालय की ओर से आधिकारिक रूप से साझा की जाती है, न कि व्हाट्सएप या फेसबुक मैसेज के जरिए। पहले भी उड़ चुकी हैं ऐसी अफवाहें यह पहली बार नहीं है जब 500 रुपये के नोट को लेकर अफवाह फैलाई गई हो। इससे पहले भी कई मौकों पर सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा चुका है कि बड़े नोट बंद होने वाले हैं या उन्हें धीरे-धीरे चलन से हटाया जाएगा। हर बार सरकार, RBI और PIB फैक्ट चेक को सामने आकर इन खबरों का खंडन करना पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की फेक न्यूज अक्सर लोगों की भावनाओं और पुराने अनुभवों का फायदा उठाकर फैलाई जाती हैं। 2016 की नोटबंदी के बाद से ही नोटों को लेकर अफवाहें ज्यादा तेजी से फैलती हैं, क्योंकि उस समय लोगों को अचानक बड़े फैसले का सामना करना पड़ा था। इसी डर का इस्तेमाल कर कुछ लोग झूठी खबरें फैलाते हैं। संसद में सरकार का साफ संदेश 500 रुपये के नोट को लेकर सरकार पहले ही संसद में अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में बताया था कि सरकार की 500 रुपये के नोटों की सप्लाई रोकने या उन्हें वापस लेने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि देशभर में एटीएम और बैंकों में 100, 200 और 500 रुपये के नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को नकदी की किसी तरह की परेशानी न हो। सरकार और RBI दोनों का फोकस डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के साथ-साथ नकदी की उपलब्धता बनाए रखने पर है, न कि नोटों को अचानक बंद करने पर। अफवाहों से बचने की अपील PIB और वित्त मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आर्थिक या बैंकिंग से जुड़ी खबर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी सूचना की पुष्टि हमेशा आधिकारिक वेबसाइट, सरकारी सोशल मीडिया हैंडल या विश्वसनीय समाचार स्रोतों से करनी चाहिए। सरकार ने साफ किया है कि 500 रुपये के नोट से जुड़ी यह खबर पूरी तरह फर्जी है और इसका उद्देश्य केवल भ्रम फैलाना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और जिम्मेदारी से सूचना साझा करने की जरूरत है। संक्षेप में कहा जाए तो मार्च 2026 से 500 रुपये के नोट बंद होने का दावा पूरी तरह झूठा है। 500 रुपये के नोट वैध हैं, चलन में हैं और आगे भी रहेंगे। Post navigation छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, सुकमा और बीजापुर में 14 नक्सली ढेर अंबरनाथ में बीजेपी-कांग्रेस-NCP गठबंधन, शिंदे शिवसेना को बाहर: महाराष्ट्र में सियासी उलटफेर